
जसवंतनगर/इटावा। चौ. सुघर सिंह नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज, जसवंतनगर की बी.एससी. नर्सिंग छात्रा पूजा कश्यप ने अपनी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर एम्स गोरखपुर में नर्सिंग अधिकारी पद पर चयनित होकर संस्थान तथा क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल है और छात्र-छात्राओं में उत्साह का संचार हुआ है।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार पूजा कश्यप शुरू से ही एक मेधावी एवं अनुशासित छात्रा रही हैं। उन्होंने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम किया और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
इस अवसर पर चौ. सुघर सिंह ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशंस के प्रबंध निदेशक अनुज मोंटी यादव ने पूजा कश्यप को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छात्रा की यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है और अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
चौ. सुघर सिंह ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशंस के निदेशक डॉ. संदीप पाण्डेय ने छात्रा पूजा कश्यप को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने योग्य बनाना है। पूजा कश्यप ने अपनी उपलब्धि से यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
चौ. सुघर सिंह पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज की डायरेक्टर श्रीमती रीमा शर्मा ने भी छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूजा कश्यप भविष्य में भी अपनी सेवाओं से समाज और देश का नाम रोशन करेंगी।
इस ख़ुशी के अवसर पर कॉलेज के अन्य शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने छात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
पूजा कश्यप की यह सफलता न केवल उनके परिवार और संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि समर्पण, परिश्रम और सही मार्गदर्शन के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।




