बसरेहर विद्युत उपकेंद्र की बदहाल व्यवस्था से किसान बेहाल, धान की रोपाई पर संकट
18 घंटे तो दूर, 8 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली

हिन्द संवाद न्यूज़
बसरेहर, इटावा। भीषण गर्मी और उमस के बीच क़स्बा बसरेहर स्थित विद्युत उपकेंद्र की बदहाल बिजली व्यवस्था ने किसानों और आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश हैं, लेकिन बसरेहर क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि यहां कई दिनों से 8 घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है।
सबसे अधिक परेशानी किल्ली फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों के लोगों को झेलनी पड़ रही है। इसी फीडर से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है। बारिश न होने के कारण धान की फसल पूरी तरह बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर है, लेकिन अनियमित बिजली आपूर्ति के चलते धान की रोपाई प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
स्थानीय किसानों और व्यापारियों का कहना है कि बिजली संकट को लेकर कई बार विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन और हंगामा किया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। लोगों का यह भी आरोप है कि विभागीय अधिकारियों, विशेषकर जूनियर इंजीनियर (जेई) के CUG नंबर पर बार-बार संपर्क करने के बावजूद फोन का जवाब नहीं मिलता, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराज़गी है।
हालांकि, जब किसी तरह जेई से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बढ़े हुए विद्युत लोड के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि विभाग लोड को विभिन्न फीडरों पर संतुलित करने का प्रयास कर रहा है, ताकि बिजली आपूर्ति में सुधार किया जा सके।
लगातार बिजली संकट से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो धान की फसल पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।




