
संवाददाता : मनोज कुमार
जसवंतनगर (इटावा)। नगर के मुख्य चौराहे के समीप स्थित नगरपालिका की पानी की टंकी पर तैनात ट्यूबवेल पम्प ऑपरेटर का शव रविवार देर शाम उसके सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में मामला हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
मृतक की पहचान रमाशंकर पाण्डेय निवासी ग्राम पूरे पाण्डेय, पोस्ट तिरहुत, जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है। वह पूर्व में जल निगम में कार्यरत थे। वर्ष 2021 में विभागीय पुनर्गठन के बाद उनकी तैनाती जसवंतनगर स्थित नगरपालिका की पानी की टंकी पर ट्यूबवेल पम्प ऑपरेटर के पद पर की गई थी। सहकर्मियों के अनुसार वह समय के पाबंद और जिम्मेदार कर्मचारी थे।
रविवार को उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित थी, लेकिन तय समय पर वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सहकर्मी सुशांत ने कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सुपरवाइजर विनय कुमार को सूचना दी गई, जिन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही कस्बा इंचार्ज अनूप पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जल निगम परिसर का मुख्य गेट बंद होने के कारण पुलिस फाटक पार कर परिसर के भीतर पहुंची। सरकारी आवास का दरवाजा खोलने पर रमाशंकर पाण्डेय का शव अधनग्न अवस्था में पड़ा मिला। शव पर चींटियां लगी हुई थीं।
मौके के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने पाया कि गैस चूल्हे पर खाना बन रहा था और गैस चालू थी, जबकि बर्तन पूरी तरह जल चुका था। पुलिस ने तत्काल गैस बंद कराकर स्थिति को सुरक्षित किया। इसके बाद विभागीय कर्मचारियों की सहायता से शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल इटावा की मोर्चरी भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मौत हार्ट अटैक से होने की संभावना प्रतीत होती है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार रमाशंकर पाण्डेय वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी रमादेवी, दो पुत्र—सुशील कुमार पाण्डेय एवं आशीष पाण्डेय—तथा दो पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र लखनऊ की एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र गांव में अपनी मां के साथ रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




