
इटावा जनपद के चौपला क्षेत्र से होकर गुजरने वाले बंबा (नहर) में कई दिनों से पानी न आने के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। धान की खेती का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है और खेतों में तैयार की गई धान की नर्सरी पर्याप्त पानी के अभाव में सूखने लगी है। यदि जल्द ही नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है। समय पर पानी न मिलने से पौधों का विकास रुक गया है और कई स्थानों पर नर्सरी पीली पड़ने लगी है। किसानों ने बताया कि निजी ट्यूबवेल से सिंचाई करना हर किसान के लिए संभव नहीं है, क्योंकि इससे लागत कई गुना बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि चौपला बंबा क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था की प्रमुख कड़ी है। हर वर्ष धान के मौसम में इसी नहर के पानी से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है। इस बार पानी न आने से किसानों में बेचैनी बढ़ गई है।

किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि चौपला बंबा में तत्काल पानी छोड़ा जाए, ताकि धान की नर्सरी और आगामी फसल को बचाया जा सके। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक भी यही स्थिति बनी रही तो धान की रोपाई का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो जाएगा और उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि सिंचाई व्यवस्था को शीघ्र बहाल कराया जाए, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके और खरीफ सीजन की खेती समय पर पूरी हो सके।




