Welcome to हिन्द संवाद न्यूज़   Click to listen highlighted text! Welcome to हिन्द संवाद न्यूज़
इटावायूपीराज्यलोकल न्यूज़

अंतरमुखी पुरुषार्थ से ही मोक्ष संभव : बाल ब्रह्मचारी राहुल भैया

प्रत्येक कार्य की सिद्धि में पाँचों समवायों का होता है योगदान

संवाददाता: मनोज कुमार

जसवंतनगर। शुक्रवार रात्रि आयोजित धर्मसभा में बाल ब्रह्मचारी राहुल भैया ने अपने मंगलमय उद्बोधन में जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांत ‘पाँच समवाय’ का सरल, सहज एवं प्रेरणादायक विवेचन किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की सिद्धि में उपादान, निमित्त, काल, होनहार (भवितव्यता) तथा पुरुषार्थ—ये पाँचों समवाय समान रूप से आवश्यक होते हैं। प्रत्येक जीव अपनी क्षणिक उपादानगत योग्यता के अनुसार, शुभ होनहार आने पर, सद्निमित्तों के सान्निध्य में और उचित समय पर अंतरमुखी पुरुषार्थ करके मोक्ष को प्राप्त करता है।

राहुल भैया ने कहा कि मनुष्य प्रायः स्वयं को परद्रव्य का कर्ता मान बैठता है, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रत्येक जीव अपनी उपादान शक्ति, कर्मों और सामर्थ्य के अनुसार ही परिणमन करता है। उपादान शक्ति के जागृत होने तथा सद्निमित्त मिलने पर ही योग्य काल में कार्य सिद्ध होते हैं।

उन्होंने कहा कि संसार में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्य का बोध रखते हुए पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपना दायित्व निभाना चाहिए। यही श्रेष्ठ जीवन का आधार है।

अपने प्रवचन में उन्होंने भगवान श्रीराम और माता सीता के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी श्रेष्ठ गुणों से सम्पन्न होने के बावजूद माता सीता को अनेक कठिनाइयों और वनवास का सामना करना पड़ा। इससे यह शिक्षा मिलती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, धर्म और आत्मविश्वास का त्याग नहीं करना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक जीव अपनी दृष्टि से समाज, घर और परिवार को चलाना चाहता है, किंतु ऐसा संभव नहीं है। भगवान महावीर और मरीचि के जीव का उदाहरण देते हुए उन्होंने मोक्षमार्ग की चर्चा की और कहा कि सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के सद्निमित्त तथा आत्मपुरुषार्थ के मार्गदर्शन में चलकर ही जीव मोक्ष की दिशा में अग्रसर हो सकता है।

प्रवचन के उपरांत सुंदर आत्माराम भक्ति एवं जिनवाणी स्तुति का आयोजन हुआ, जिससे संपूर्ण धर्मसभा भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!