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भारी बारिश से इटावा में फसलें प्रभावित, बसरेहर क्षेत्र में किसानों की बढ़ी चिंता

खेतों में बिछी बाजरा की फसल और धान के खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका, किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की

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संवाददाता: विशाल बाबू

इटावा। जिले में लगातार हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से विकासखंड बसरेहर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी बाजरा और धान की फसलों पर बारिश का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कई स्थानों पर बाजरा की फसल खेतों में बिछ गई है, जबकि धान के खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। तैयार होती फसल पर मौसम की मार ने किसानों की महीनों की मेहनत और लागत को संकट में डाल दिया है।

बसरेहर विकासखंड के विभिन्न गांवों में बारिश के बाद खेतों की स्थिति किसानों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। किसानों के मुताबिक फसल तैयार करने में बीज, खाद, डीजल, सिंचाई और मजदूरी समेत बड़ी रकम खर्च होती है। ऐसे समय में जब बाजरा और धान की फसल पकने की ओर बढ़ रही थी, लगातार बारिश से फसल के प्रभावित होने की आशंका ने किसानों की आर्थिक चिंता बढ़ा दी है।

बसरेहर में फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने की मांग

किसानों का कहना है कि बारिश से प्रभावित खेतों का कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर सर्वे कराया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में शीघ्र सर्वे कराकर पात्र किसानों को शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राहत उपलब्ध कराई जाए।

किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि फसल की पैदावार में भारी कमी आती है तो खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है। इसका सीधा असर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और आगामी फसल की तैयारी पर पड़ सकता है।

धान के खेतों में जलभराव से बढ़ी चिंता

इटावा जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल भी बारिश से प्रभावित हुई है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने की स्थिति में फसल को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद भी खेतों से पानी की निकासी और फसल की स्थिति का आकलन आवश्यक होगा।

राहत और सर्वे पर टिकी किसानों की निगाहें

इटावा के किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। बारिश से फसल को वास्तविक रूप से कितना नुकसान हुआ है, इसका स्पष्ट आकलन खेतों का स्थलीय निरीक्षण होने के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में किसानों की मांग है कि प्रशासन बसरेहर विकासखंड समेत पूरे जिले में प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर निष्पक्ष एवं समयबद्ध सर्वे कराए।

किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में समय पर सरकारी सहायता मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सकती है। अब किसानों की निगाहें प्रशासनिक सर्वे और शासन से मिलने वाली राहत पर टिकी हैं।

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