
हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
इटावा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में 25 सितंबर 2026 को “फार्मेसी में AI और नई तकनीक: भविष्य की दिशा” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक तकनीक तथा स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनिल पटेल (IFS), निदेशक, लायन सफारी इटावा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान एवं तकनीक का ज्ञान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। AI और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और बदलती तकनीक के साथ स्वयं को विकसित करने का आह्वान किया।
डॉ. यागेश वर्मा, निदेशक एवं संस्थापक, अत्र्यांस आयुर्वेदिक एवं पंचकर्म क्लिनिक ने आयुर्वेद, पंचकर्म और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र में उभरती संभावनाओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
समाजसेवी रामशरण गुप्ता ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए समय का सदुपयोग करने और अनुशासित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अध्ययन, व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निर्धारित करने तथा स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य धर्मेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में तकनीकी शिक्षा एवं व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

जिला संयोजक संस्कार गुप्ता ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यों, उद्देश्यों और छात्रहित में परिषद की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभाविप विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक एवं राष्ट्रहित के विषयों से जोड़ने तथा उनमें नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने के लिए कार्य करती है।
कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री अपूर्व भदौरिया की उपस्थिति रही। इसके अलावा नगर सह मंत्री कृष्णा गुप्ता, पीयूष कुमार, नीतेश शाक्य एवं आशुतोष कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में AI, आधुनिक तकनीक और नवाचार की संभावनाओं से परिचित कराया गया तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।




