
इटावा। जनपद इटावा के बसरेहर थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह के गैर जनपद स्थानांतरण पर मंगलवार को बसरेहर थाने में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं से भर गया। यह केवल एक औपचारिक विदाई नहीं थी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच बने विश्वास और आत्मीय रिश्ते का जीवंत उदाहरण बन गई।
विदाई समारोह में थाना परिसर का माहौल उस समय भावुक हो उठा, जब थाना प्रभारी सौरभ सिंह अपने साथियों और क्षेत्रवासियों से विदा लेने पहुंचे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे उन्हें शुभकामनाएं देने पहुंचे। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह के दौरान कई पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। लोगों का स्नेह और सम्मान देखकर स्वयं सौरभ सिंह की आंखें भी नम हो गईं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए यादगार बन गया।
बसरेहर में अपने कार्यकाल के दौरान सौरभ सिंह ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ कई गंभीर मामलों के सफल खुलासे किए। अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी पुलिसिंग के चलते क्षेत्र में पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली, अनुशासन और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार की स्थानीय लोगों ने खुलकर सराहना की।
विदाई समारोह में वैदपुरा थाना प्रभारी हाकिम सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने सौरभ सिंह को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
इसी के साथ बसरेहर थाने की कमान अब निरीक्षक बलराज सिंह भाटी ने संभाल ली है। बलराज सिंह भाटी का स्थानांतरण उसराहार थाने से बसरेहर किया गया है। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। स्थानीय लोगों ने नए थानाध्यक्ष का स्वागत करते हुए उनसे बेहतर पुलिसिंग और जनसहयोग की अपेक्षा जताई।
विदाई समारोह का यह दृश्य इस बात का प्रतीक बन गया कि जब कोई पुलिस अधिकारी ईमानदारी, निष्पक्षता और जनता के विश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाता है, तो उसकी विदाई केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रह जाती, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा एक अविस्मरणीय पल बन जाती है। वहीं, नए थानाध्यक्ष बलराज सिंह भाटी के आगमन के साथ क्षेत्रवासियों को बसरेहर में प्रभावी और जनोन्मुखी पुलिस व्यवस्था की नई उम्मीद भी जगी है।




