
इटावा / इटावा पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी अजीत सिंह ने शनिवार को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव पुलिस लाइन स्थित बास्केटबॉल मैदान में फंदे से लटका मिलने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार अजीत सिंह वर्ष 2005 बैच के पुलिसकर्मी थे तथा मूल रूप से कानपुर देहात के निवासी थे। शनिवार सुबह पुलिसकर्मियों ने उनका शव बास्केटबॉल मैदान में फंदे से लटका देखा, जिसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद रिजर्व पुलिस लाइन इटावा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने दिवंगत मुख्य आरक्षी अजीत सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने शोक व्यक्त किया तथा पुलिस जवानों द्वारा शस्त्र झुकाकर दिवंगत आत्मा को शोक सलामी दी गई।
आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में भी शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक के भाई अरविंद यादव इटावा में उपनिरीक्षक पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि अजीत सिंह ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं है। पूरा परिवार सदमे में है और फिलहाल किसी भी कारण के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।
परिजनों के अनुसार अजीत सिंह का परिवार लंबे समय से पुलिस एवं विधिक सेवाओं से जुड़ा रहा है। परिवार में पांच भाई हैं, जिनमें एक भाई वकालत के पेशे में हैं जबकि अन्य पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। एक भाई गांव में रहता है। अजीत सिंह वर्ष 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे और लगातार अपनी सेवाएं दे रहे थे।
परिवार ने बताया कि आर्थिक स्थिति भी अच्छी थी तथा भाइयों के बीच किसी प्रकार के विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। अजीत सिंह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। वह पुलिस लाइन स्थित आवास में परिवार के साथ रहते थे।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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Editor in Chief – R. P. Singh




