बंदरों के झुंड ने छह वर्षीय बालक पर किया हमला, पिता ने बचाई जान
बसरेहर में लंबे समय से बना हुआ है बंदरों का आतंक, बड़ी घटना टली

हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
बसरेहर। क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। शनिवार शाम बंदरों के झुंड ने छत पर खेल रहे छह वर्षीय यूकेजी छात्र पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पिता ने किसी तरह उसे बंदरों के चंगुल से बचाया। घटना में बच्चा घायल हो गया, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसरेहर ले जाकर उपचार एवं आवश्यक टीकाकरण कराया गया।
जानकारी के अनुसार छह वर्षीय प्रतीक पुत्र नंदलाल वर्तमान में बसरेहर-किल्ली रोड स्थित तिराहे के पास अस्थायी रूप से रह रहे हैं। शनिवार शाम करीब छह बजे प्रतीक मकान की छत पर कुछ अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान बंदरों का एक झुंड छत पर पहुंच गया और बच्चों पर हमला कर दिया।
बंदरों के हमले से अन्य बच्चे तो किसी तरह भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, लेकिन प्रतीक बंदरों की चपेट में आ गया। बंदरों ने बच्चे पर हमला कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर पिता नंदलाल तत्काल छत की ओर दौड़े और किसी तरह बंदरों को हटाकर बच्चे को बचाया।
इसके बाद परिजन घायल प्रतीक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसरेहर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार करने के साथ आवश्यक टीकाकरण किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि बच्चे की चीख सुनकर उसके पिता समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के चलते आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बसरेहर क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है। बंदरों के झुंड आए दिन घरों की छतों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को परेशान करते हैं। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को होने से रोका जा सके।




