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एडीओ पंचायत के ब्लॉक पहुंचते ही फिर धरने पर बैठे सचिव, हटाने की मांग पर अड़े कर्मचारी

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हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद

बसरेहर संवाददाता। विकास खंड बसरेहर में सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ पंचायत) को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सामने आ गया। सोमवार को एडीओ पंचायत के विकास खंड कार्यालय पहुंचने के बाद सचिवों ने विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया। सचिवों का कहना है कि जब तक एडीओ पंचायत को विकास खंड से हटाए जाने का स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

जानकारी के अनुसार, एडीओ पंचायत की कार्यशैली को लेकर विकास खंड बसरेहर में तैनात सचिवों ने इससे पहले 17 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक कार्य बहिष्कार एवं धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों के स्तर से निर्णय लेते हुए एडीओ पंचायत को हटाकर छुट्टी पर भेजे जाने की बात सामने आई थी।

इसी बीच इटावा में नए जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण किया। उनके कार्यभार संभालने के बाद एडीओ पंचायत ने पुनः योगदान कर लिया और 7 सितंबर 2026 को विकास खंड बसरेहर पहुंचकर एडीओ पंचायत की कुर्सी पर बैठ गए। एडीओ पंचायत के ब्लॉक पहुंचने की जानकारी मिलते ही सचिवों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने धरना शुरू कर दिया।

सचिवों का आरोप है कि जिला पंचायत राज अधिकारी इटावा की ओर से श्याम वरन राजपूत को सहायक विकास अधिकारी पंचायत के पद पर तैनाती का आदेश किया जा चुका है। इसके बावजूद एडीओ पंचायत के ब्लॉक में पहुंचने को लेकर कर्मचारियों में असंतोष है।

सचिवों के मुताबिक, इस संबंध में विकास खंड के कर्मचारियों की ओर से 3 सितंबर 2026 को खंड विकास अधिकारी बसरेहर को ज्ञापन भी दिया गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि यदि एडीओ पंचायत दोबारा ब्लॉक पर आते हैं तो सचिव उनके साथ कार्य नहीं करेंगे और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

सोमवार को एडीओ पंचायत के ब्लॉक पहुंचने के बाद सचिवों ने अपने पूर्व निर्णय के अनुसार धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक एडीओ पंचायत को यहां से हटाए जाने का स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मामले की जानकारी मिलने पर ग्राम विकास अधिकारी संघ इटावा के जिला अध्यक्ष पूरन सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरनारत कर्मचारियों से बातचीत की और कहा कि संगठन के पदाधिकारी सोमवार दोपहर करीब दो बजे जिला पंचायत राज अधिकारी से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारियों के स्तर से जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।

धरने में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नीरज यादव, महामंत्री मृदुल शर्मा, सचिव धर्मेंद्र यादव, सौरभ कुमार, शामिउद्दीन, सुशील कुमार, सोमेश कटियार, शिवम कुमार, ज्योति यादव, आरती, प्रीति, हेमंत यादव, आलोक चौहान, प्रदीप कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

एडीओ पंचायत ने बताया शासन के निर्देशों के पालन का मामला

वहीं, एडीओ पंचायत ने पूरे मामले में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि सचिवों को शासन के आदेशों के अनुसार कार्य करने के लिए पत्राचार किया गया था। उन्होंने बताया कि पंचायतों में बने मिनी सचिवालयों में परिवार रजिस्टर सहित अन्य आवश्यक अभिलेख रखे जाने चाहिए, ताकि पंचायत सहायक वहीं बैठकर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा सकें।

उन्होंने कहा कि पंचायतों में आरआरसी सेंटरों को चालू कराया जाना, ई-रिक्शा व्यवस्था को प्रभावी बनाना और सचिवों का समय से ग्राम पंचायतों में बने मिनी सचिवालयों में बैठना जरूरी है। इससे ग्रामीणों को अपने काम के लिए बार-बार खंड विकास कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

एडीओ पंचायत के अनुसार, सचिवों को इन्हीं व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए निर्देशित किया गया था और इसी बात को लेकर सचिव धरने पर बैठे हैं।

फिलहाल एडीओ पंचायत और सचिवों के बीच जारी विवाद के समाधान के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। संगठन पदाधिकारियों की जिला पंचायत राज अधिकारी से होने वाली मुलाकात के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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