
बसरेहर संवाददाता। विकासखंड बसरेहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीना स्थित गौशाला में लगातार हो रही बारिश के चलते व्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई है। गौशाला परिसर में जलभराव और कीचड़ होने से यहां संरक्षित करीब 126 गोवंश को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी और कीचड़ के कारण गोवंशों के लिए बैठने तथा परिसर में सामान्य रूप से विचरण करने की स्थिति नहीं रह गई है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे तक गोवंशों को भूसा उपलब्ध नहीं कराया गया था। गौशाला में करीब 126 गोवंश मौजूद हैं। परिसर में दो-तीन टीन शेड बने हुए हैं, जिनमें नांदें लगी हैं। इनमें से एक टीन शेड की नांद टूटी हुई बताई गई है।
गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर ग्राम प्रधान पति रामू शंखवार ने बताया कि गोवंशों के लिए हरा चारा कटवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौशाला परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान भी अधिकारियों से परिसर में ईंटों का खरंजा बिछवाने की मांग की गई है, ताकि बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ की समस्या से गोवंशों को राहत मिल सके।
प्रधान पति के अनुसार गौशाला के कर्मचारियों और भूसे का करीब तीन माह से भुगतान भी लंबित है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले सचिव मृदुल शर्मा गौशाला पहुंचे थे और उनके द्वारा गौशाला का चार्ज लेने की बात बताई गई थी।
वहीं, जब सचिव मृदुल शर्मा से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें अभी गौशाला का चार्ज नहीं मिला है और वह वहां केवल निरीक्षण के लिए आए थे।
बारिश के बीच गौशाला में जलभराव की स्थिति से 126 गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी जल निकासी, चारा व्यवस्था और परिसर में खरंजा निर्माण को लेकर क्या कदम उठाते हैं।




