अन्ना जानवरों को बचाने के प्रयास में ईको ने दो बाइकों में मारी टक्कर, एक की मौत
दुर्घटना में चार लोग हुए गंभीर रूप से घायल, एक की सैफई पीजीआई में इलाज के दौरान हुई मौत

हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
बसरेहर संवाददाता। चौबिया थाना क्षेत्र के बरेली हाईवे मार्ग पर लोहिया कलां के पास रविवार को अन्ना जानवरों के झुंड को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार ईको वाहन ने दो बाइकों में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर सभी को सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान एक घायल की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, चमरौआ निवासी अरविंद कुमार प्रजापति पुत्र रामेश्वर दयाल अपनी पत्नी ममता देवी और पांच वर्षीय पुत्र नैतिक के साथ बाइक से इटावा से अपने गांव चमरौआ जा रहे थे। जैसे ही वह चौबिया थाना क्षेत्र के लोहिया कलां स्थित बरेली हाईवे पर पहुंचे, उसी दौरान किशनी की ओर से आ रही ईको वाहन के चालक ने सड़क पर घूम रहे अन्ना जानवरों के झुंड को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान ईको वाहन अनियंत्रित होकर दोनों बाइकों से टकरा गया।
दूसरी बाइक पर संजय पुत्र सर्वेश कुमार और राम पुत्र सुरेश कुमार, निवासी मुलायम नगर, थाना फ्रेंड्स कॉलोनी, इटावा सवार थे। दोनों अपने गांव से सिंगी रामपुर कांवड़ भरने जा रहे थे।
हादसे में दोनों बाइकों पर सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर चौबिया थाना प्रभारी महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल बसरेहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सभी घायलों को सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान अरविंद कुमार को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
अरविन्द की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि अरविंद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और हादसे की जांच की जा रही है।

अन्ना जानवरों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों ने सड़क पर घूम रहे अन्ना जानवरों को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे और प्रमुख मार्गों पर अन्ना जानवरों के झुंड के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार संबंधित अधिकारियों, ग्राम सचिवों और खंड विकास कार्यालय बसरेहर को इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन सड़क पर घूम रहे अन्ना जानवरों को गौशाला में पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।
क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान रात के समय बड़ी संख्या में कांवड़ियों के आवागमन को देखते हुए ग्रामीणों ने सड़क पर घूम रहे अन्ना जानवरों को हटाने और गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।




