
हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
बसरेहर संवाददाता। बसरेहर विकासखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली अनैया नदी की लंबे समय से सफाई न होने के कारण नदी में जलकुंभी एवं अन्य जलीय वनस्पतियां उग आई हैं। इससे पानी का बहाव बाधित हो गया है और आसपास के खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी है। लगातार बारिश होने पर सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा धान की फसल जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता बृजेश यादव ने बताया कि किसानों की ओर से अनैया नदी की सफाई को लेकर खंड विकास कार्यालय से लेकर जिला स्तर तक कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। किसानों ने समय रहते नदी की सफाई कराने और बारिश के पानी की निकासी सुचारु कराने की मांग की थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

किसानों का कहना है कि अनैया नदी में जलकुंभी और अन्य वनस्पतियों के कारण पानी का बहाव काफी धीमा हो गया है। खेतों में पानी जमा होने से धान की फसल प्रभावित हो रही है। यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा किसानों को भारी फसल नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि पूर्व में तत्कालीन सीडीओ राजा गणपति आर के कार्यकाल में अनैया नदी की उचित सफाई कराई गई थी, जिसके चलते जल निकासी बेहतर रही और किसानों को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। किसानों के अनुसार पिछले करीब तीन वर्षों से नदी की सफाई की मांग लगातार अधिकारियों के समक्ष उठाई जा रही है।

किसान रजनीश कुमार, राजेश कुमार, प्रभु दयाल, सचिन, प्रमोद कुमार, बलबीर सिंह, राजेश बाबू, दिनेश यादव और पप्पू समेत अन्य किसानों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अनैया नदी की सफाई कराने तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि समय रहते नदी की सफाई और पानी की निकासी सुनिश्चित नहीं की गई तो धान की हजारों बीघा फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई जल्द कराने की मांग की है।




