इटावाटॉप न्यूज़युवायूपीलोकल न्यूज़

जसवंतनगर : बुजुर्ग अम्मा के स्नेह से भावुक हुईं तहसीलदार नेहा सचान, जाने पूरा मामला।

समय पर कार्य पूरा होने पर बुजुर्ग महिला ने तहसीलदार को गले लगाकर जताया स्नेह, तहसीलदार ने कहा—‘मुझे सिर्फ आपका आशीर्वाद चाहिए’

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

संवाददाता : देवेंद्र सिंह

जसवंतनगर, इटावा। तहसील जसवंतनगर में सरकारी कार्यों के निस्तारण के दौरान उस समय भावुक एवं आत्मीय माहौल देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग महिला अपने कार्य के समय पर पूरा होने पर तहसीलदार नेहा सचान से मिलने उनके कक्ष में पहुंचीं। बुजुर्ग महिला ने तहसीलदार को गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर की और स्नेहपूर्वक उन्हें 100 रुपये देने का प्रयास किया। तहसीलदार ने रुपये लेने से इनकार करते हुए बुजुर्ग महिला से कहा कि उन्हें केवल उनका आशीर्वाद चाहिए।

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला शशीदेवी का फार्मर रजिस्ट्री एवं नाम संशोधन से संबंधित कार्य एक दिन में पूरा हो गया था। कार्य के निस्तारण से प्रसन्न होकर शशीदेवी स्वयं तहसीलदार नेहा सचान से मिलने उनके कक्ष में पहुंचीं। मुलाकात के दौरान उन्होंने तहसीलदार को गले लगाया और भावुक होकर अपना स्नेह व्यक्त किया।

इसके बाद शशीदेवी ने अपनी पोटली से 100 रुपये निकालकर तहसीलदार की ओर बढ़ाते हुए कहा, “बेटी, ये 100 रुपये रख लो, अपने लिए अनार या सेब खरीद लेना।” बुजुर्ग महिला के इस आत्मीय व्यवहार से तहसीलदार नेहा सचान भी भावुक हो गईं। उन्होंने विनम्रतापूर्वक रुपये लेने से मना करते हुए कहा, “अम्मा, मुझे इन रुपयों की जरूरत नहीं है, मुझे सिर्फ आपका आशीर्वाद चाहिए। आप ये रुपये अपने पास रखिए।”

बुजुर्ग महिला के बार-बार आग्रह के बावजूद तहसीलदार ने रुपये स्वीकार नहीं किए। उन्होंने शशीदेवी को अपने पास बैठाकर उनका हालचाल जाना और जलपान कराया। इसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया।

इसी दौरान लेखपाल पद के लिए चयनित एक युवा अभ्यर्थी भी दस्तावेज सत्यापन के लिए तहसील पहुंचा। तहसीलदार ने उसके दस्तावेजों का सत्यापन कर उसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

तहसील परिसर में सामने आया यह प्रसंग सरकारी कार्यों के निस्तारण के साथ मानवीय संवेदना और आत्मीय व्यवहार का उदाहरण बना। बुजुर्ग महिला का कार्य समय पर पूरा होने से उन्हें राहत और खुशी मिली, वहीं तहसीलदार नेहा सचान के सहज एवं सम्मानपूर्ण व्यवहार ने इस मुलाकात को यादगार बना दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!