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वायरल वीडियो पर DFO का कड़ा एक्शन, वन दरोगा श्रीनिवास पांडे निलंबित

सोशल मीडिया पर मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद वन विभाग में कार्रवाई, विभागीय जांच शुरू

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संवाददाता : मनोज कुमार

इटावा/जसवंतनगर। जसवंतनगर क्षेत्र में वन विभाग के एक वन दरोगा का कथित रूप से रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (DFO), इटावा ने वन दरोगा श्रीनिवास पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो जसवंतनगर स्थित प्रभु मैरिज होम के सामने अंडरब्रिज के नीचे का है। वीडियो गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में वन दरोगा एक व्यक्ति से कथित तौर पर रुपये लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रही घटना और रुपये लेने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे। मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में आने के बाद सैफई मुख्य न्यूज़ ने भी इसे प्रमुखता से उठाया और संबंधित अधिकारियों तक मामला पहुंचाया।

खबर के प्रसारित होने के बाद वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक कार्रवाई की और वन दरोगा श्रीनिवास पांडे को निलंबित कर दिया।

निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू

निलंबन के साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है। जांच में वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम, रुपये लेने के पीछे के कारण और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। आरोपों की पुष्टि होने पर विभागीय नियमों के तहत अन्य कार्रवाई भी संभव है।

कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा

मामला सामने आने के बाद कुछ लोगों की ओर से यह कहा जा रहा था कि मामले में कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन अब वन विभाग द्वारा निलंबन की कार्रवाई किए जाने के बाद यह प्रकरण फिर चर्चा में है।

इस मामले में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिसके माध्यम से वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोप जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे। हालांकि वायरल वीडियो को अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता और मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल वन दरोगा श्रीनिवास पांडे निलंबित हैं और प्रकरण की विभागीय जांच जारी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या थी और रुपये लेने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

हिन्द संवाद न्यूज़ — “सच का संवाद”

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