
हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
इटावा । किसानों एवं अनाज व्यापारियों को ऑनलाइन व्यापार के नाम पर सस्ते दाम में अनाज उपलब्ध कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का इटावा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे एवं कार्यालय से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज, सिमकार्ड, बैंक संबंधी कागजात, अनाज के सैंपल, फर्म की मोहर, विजिटिंग कार्ड तथा ठगी से अर्जित बताई गई XUV 700 कार बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे CyVazra अभियान के तहत अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध संतोष सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल इटावा एवं थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
INDIA MART से निकालते थे व्यापारियों का डाटा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म INDIA MART पर पंजीकृत अनाज व्यापारियों के मोबाइल नंबर प्राप्त करते थे। इसके बाद फोन के माध्यम से व्यापारियों को सरसों, मक्का सहित अन्य अनाज बाजार भाव से कम अथवा उचित दर पर उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था।
बातचीत के बाद खरीद-बिक्री की डील तय होने पर आरोपियों द्वारा माल की आपूर्ति के नाम पर कुल रकम का करीब 50 से 60 प्रतिशत एडवांस विभिन्न बैंक खातों में जमा कराया जाता था। रकम प्राप्त होने के बाद चेक और एटीएम के माध्यम से उसे निकाल लिया जाता था और व्यापारियों को माल की आपूर्ति नहीं की जाती थी।
पांच फर्जी कंपनियों की आड़ में चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने कूटरचित दस्तावेज एवं भ्रामक पहचान का इस्तेमाल कर करीब पांच फर्जी कंपनियों/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का संचालन किया। आरोपी स्वयं को इन कंपनियों का कर्मचारी अथवा प्रोपराइटर बताकर व्यापारियों से संपर्क करते थे।
गिरोह द्वारा विभिन्न बैंकों में करीब 20 चालू खाते खुलवाए गए थे, जिनमें ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस जांच में इन संदिग्ध खातों में अब तक करीब 7 करोड़ 10 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला है।
छह राज्यों से सामने आईं करीब 25 शिकायतें
पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर गिरोह के खिलाफ करीब 25 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें लगभग 45 लाख रुपये की ठगी किए जाने का उल्लेख है।
शिकायतें जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से सामने आई हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है।
शिकायत करने पर पीड़ितों को देते थे धमकी
पुलिस के अनुसार ठगी का शिकार होने के बाद जब कुछ व्यापारी आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की बात करते थे, तो गिरोह के सदस्य उन्हें जान-माल की क्षति पहुंचाने तथा हत्या कर शव गायब करने जैसी धमकियां देते थे। भय के कारण कई पीड़ितों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने के बजाय केवल NCRP पोर्टल पर शिकायत की।
लुहन्ना चौराहा के पास चारों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को मिली आपराधिक अभिसूचना के आधार पर साइबर सेल एवं थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने लुहन्ना चौराहा से ग्वालियर तिराहे की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित एक दुकान के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
– प्रतीक सक्सेना पुत्र प्रदीप कुमार, निवासी हरिपुरम कॉलोनी सराय दयानत, थाना सिविल लाइन, उम्र 34 वर्ष।
– विकास पुत्र दिवाकर दीक्षित, निवासी नुमाइश पाण्डाल, थाना सिविल लाइन, उम्र 28 वर्ष।
– आकाश बाथम पुत्र ओम बाबू बाथम, निवासी रामनगर, थाना फ्रेंड्स कॉलोनी, उम्र 22 वर्ष।
– प्रवेश कुमार पुत्र अनिल कुमार, निवासी कजगवां, थाना इकदिल, उम्र 29 वर्ष।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रतीक सक्सेना के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में साइबर ठगी से संबंधित कई मुकदमे पूर्व से दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास तथा दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।
कार्यालय से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं कार्यालय से पांच डेस्कटॉप कंप्यूटर सिस्टम, एक एचपी लैपटॉप, दो प्रिंटर, 13 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, पांच सीपीयू, दो की-बोर्ड, दो माउस, दो कंप्यूटर चार्जर, 20 वाउचर, करीब 2,000 विजिटिंग कार्ड और नौ डायरियां बरामद की हैं।
इसके अलावा मक्का के दो थैले, काली एवं पीली सरसों के दो थैले, पलिया/दलिया के दो थैले, कैलकुलेटर, Avon Agro Tech की मोहर, India Mart Pay Listed व्यापारियों की लिस्ट अंकित फाइल कवर, व्हाइट बोर्ड और अटेंडेंस बायोमेट्रिक मशीन भी बरामद हुई है।
पुलिस को आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा कूटरचित पहचान संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। इसके अतिरिक्त एयरटेल कंपनी के छह सिमकार्ड और चार खाली लिफाफे बरामद किए गए।

ठगी की रकम से अर्जित बताई गई XUV 700 बरामद
पुलिस ने ठगी से अर्जित बताई गई XUV 700 कार संख्या UP75 AS 6302 को भी बरामद कर सीज किया है। वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
पुलिस के अनुसार बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक संबंधी दस्तावेज, मोबाइल फोन एवं अन्य सामग्री मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं।
विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज
इस मामले में थाना सिविल लाइन में मु0अ0सं0 142/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 351(3), 61(2) बीएनएस तथा 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, संचालित की जा रही अन्य फर्जी कंपनियों, बैंक खातों में हुए लेन-देन तथा दूसरे राज्यों में सक्रिय आरोपियों और सहयोगियों के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक लोकेश कुमार, हेड कांस्टेबल विजय, हेड कांस्टेबल मनीष, कांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल बृजेश गोला तथा थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक कण्व कुमार मिश्रा मय पुलिस टीम शामिल रही।
इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




