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मुख्यमंत्री के आदेश भी बेअसर! बसरेहर में 18 घंटे की जगह 8–10 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली

रात्रि के अध्ययन समय में रोस्टिंग और बार-बार कटौती से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीण घरों में इन्वर्टर तक की सुविधा नहीं

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हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद

बसरेहर / कस्बा बसरेहर और आसपास के ग्रामीण अंचल में विद्युत आपूर्ति की अनियमितता अब गंभीर जनसमस्या बनती जा रही है। शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में कई बार 8 से 10 घंटे भी नियमित और लगातार बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को उठानी पड़ रही है।

मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय पर 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का प्रावधान बताया गया है। इसके बावजूद बसरेहर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति निर्धारित अवधि के अनुरूप नहीं होने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है।

शाम 7 से रात 11 बजे का समय, विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण

क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए शाम और रात का समय पढ़ाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से रात्रि 7 बजे से 11 बजे तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं, बोर्ड परीक्षाओं तथा उच्च शिक्षा की तैयारी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर इसी समय रोस्टिंग के नाम पर विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी जाती है।

बिजली गुल होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऑनलाइन कक्षाओं, मोबाइल पर अध्ययन सामग्री और कंप्यूटर आधारित पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीण घरों में इन्वर्टर तक की सुविधा नहीं

विद्युत कटौती का सबसे गंभीर असर ग्रामीण अंचल के उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके घरों में इन्वर्टर, बैटरी या बिजली का कोई अन्य वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीण परिवारों के लिए लंबे समय तक बिजली गुल रहने का मतलब है कि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार महंगे इन्वर्टर अथवा अन्य बैकअप सिस्टम खरीदने की स्थिति में भी नहीं हैं। ऐसे में बिजली कटौती के दौरान विद्यार्थियों को अंधेरे में पढ़ाई रोकनी पड़ती है अथवा मोबाइल की सीमित रोशनी का सहारा लेना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि शहरों में बिजली कटौती के दौरान लोग इन्वर्टर, जनरेटर अथवा अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन गांवों में बड़ी संख्या में परिवारों के पास ऐसी सुविधा नहीं है। इसलिए नियमित विद्युत आपूर्ति ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि उनकी पढ़ाई की बुनियादी आवश्यकता है।

सट#डाउन और मौसम के नाम पर भी घंटों बाधित रहती है आपूर्ति

क्षेत्रवासियों के अनुसार रोस्टिंग के अलावा सट#डाउन के नाम पर भी कई-कई घंटे विद्युत आपूर्ति बंद रहती है। बारिश होने पर बारिश तथा तेज हवा चलने पर मौसम को कारण बताते हुए बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। कई बार बिना पूर्व सूचना के बिजली चली जाने से लोगों को यह भी पता नहीं होता कि आपूर्ति कब बहाल होगी।

इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ किसानों, छोटे दुकानदारों, घरेलू उपभोक्ताओं और ऑनलाइन कार्य करने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।

कई बार धरना-प्रदर्शन, फिर भी समस्या जस की तस

बसरेहर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीण जनता कई बार विद्युत उपकेंद्र बसरेहर पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जता चुकी है। ग्रामीणों ने विद्युत अधिकारियों से निर्धारित अवधि तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग भी की, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।

विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है बिजली का सवाल

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का कहना है कि आज शिक्षा का बड़ा हिस्सा डिजिटल संसाधनों पर निर्भर हो गया है। ऑनलाइन कक्षाएं, वीडियो लेक्चर, ई-बुक, टेस्ट सीरीज और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए बिजली एवं इंटरनेट दोनों आवश्यक हैं। ऐसे में बार-बार बिजली कटौती उनकी तैयारी को प्रभावित करती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि बसरेहर विद्युत फीडर की आपूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और ग्रामीण क्षेत्र के लिए निर्धारित 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि विशेषकर शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक विद्यार्थियों के अध्ययन समय में अनावश्यक कटौती न की जाए। यदि किसी तकनीकी कारण अथवा सट#डाउन के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित करना आवश्यक हो तो उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना दी जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली केवल घर रोशन करने का साधन नहीं, बल्कि आज के समय में बच्चों की शिक्षा और युवाओं के भविष्य की भी बुनियादी जरूरत है। इसलिए बसरेहर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

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