बसरेहर में लार्वीसाइड दवा के छिड़काव को लेकर गोष्ठी, सफाई कर्मचारियों को दी गई जानकारी

हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
बसरेहर संवाददाता। विकास खण्ड बसरेहर क्षेत्र में वायरल फीवर एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के उद्देश्य से लार्वीसाइड दवा के छिड़काव को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सफाई कर्मचारियों को दवा के प्रयोग और छिड़काव की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसरेहर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास सचान के माध्यम से लार्वीसाइड दवा की 70 किट उपलब्ध कराई गई हैं। दवा को ठहरे हुए पानी में मच्छरों के लार्वा की रोकथाम के लिए प्रयोग किया जाना है।
वहीं, विकास खण्ड बसरेहर में आयोजित बैठक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रशांत पोरवाल ने सफाई कर्मचारियों को दवा के सही प्रयोग एवं गांवों में छिड़काव को लेकर आवश्यक जानकारी दी। सफाई कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि गांवों में जहां भी पानी लंबे समय से ठहरा हुआ है, वहां दवा का छिड़काव किया जाए।
डॉ. विकास सचान के अनुसार 20 लीटर पानी में 5 एमएल लार्वीसाइड दवा मिलाकर ठहरे हुए पानी में इसका छिड़काव किया जाना है। इसका उद्देश्य पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करना और मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद करना है।
वर्तमान में क्षेत्र में वायरल फीवर सहित अन्य बीमारियों के बीच स्वास्थ्य एवं विकास विभाग की ओर से उठाए गए इस कदम को रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सफाई कर्मचारियों ने भी गांवों में जलभराव वाले स्थानों पर दवा के छिड़काव के लिए कमर कस ली है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में लार्वीसाइड दवा के छिड़काव का कितना प्रभाव दिखाई देता है और मच्छरों के लार्वा की रोकथाम में यह अभियान कितना कारगर साबित होता है।




