
हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
जसवंतनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर चौ. सुघर सिंह एजुकेशनल एकेडमी, जसवंतनगर, इटावा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा महाविद्यालय परिसर में श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। 
कार्यक्रम में चौ. सुघर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज मोंटी यादव, डायरेक्टर डॉ. संदीप पाण्डेय, प्राचार्य डॉ. जितेंद्र यादव, मैनेजिंग कमेटी से अशांक यादव हनी, NSS कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, बीएड विभागाध्यक्ष नितिन आनंद, बृजेश पोरवाल, रंजीत चौहान, सर्जन सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन ऋषिपाल सिंह ने किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज मोंटी यादव ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सत्य, सादगी, ईमानदारी, त्याग एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के आदर्शों को केवल जयंती समारोह तक सीमित न रखकर अपने व्यवहार और कार्यों में अपनाने का आह्वान किया।
डायरेक्टर डॉ. संदीप पाण्डेय ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं राष्ट्रसेवा के विचारों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से समाज एवं राष्ट्र में व्यापक परिवर्तन की प्रेरणा दी।
प्राचार्य डॉ. जितेंद्र यादव ने दोनों महापुरुषों के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को आधार बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
अशांक यादव हनी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वहीं NSS कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों से सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वदेशी, स्वच्छता एवं सर्वोदय के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, त्याग एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं NSS स्वयंसेवकों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा स्वच्छ, आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। समारोह सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।




