
हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
सैफई/इटावा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ऊसराहार थाना क्षेत्र में शनिवार शाम हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल बाराबंकी में तैनात क्षेत्राधिकारी (सीओ) नरेंद्र सिंह का रविवार देर रात सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में उपचार के दौरान निधन हो गया। हादसे में उनके साथ मौजूद गनर सिपाही योगेंद्र सिंह भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे सीओ नरेंद्र सिंह अपने गनर योगेंद्र सिंह के साथ निजी कार से लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे थे। ऊसराहार थाना क्षेत्र में खरगुआ के पास उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची तथा दोनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन नरेंद्र सिंह की हालत गंभीर बनी रही।
बताया गया कि रविवार को परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। रास्ते में हालत बिगड़ने पर उन्हें वापस सैफई लाया गया, जहां इमरजेंसी विभाग में उपचार के दौरान देर रात उनका निधन हो गया। एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय ने नरेंद्र सिंह के निधन की पुष्टि की है।
करीब छह माह पहले इंस्पेक्टर से पदोन्नत होकर बने थे सीओ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नरेंद्र सिंह मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के बरौला, सेक्टर-49 के निवासी थे। वह करीब छह माह पहले बागपत में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। प्रांतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के बाद उन्हें क्षेत्राधिकारी बनाया गया था। बाराबंकी में सीओ के पद पर उनकी पहली तैनाती बताई गई है।
नरेंद्र सिंह छह भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं पुलिस विभाग में भी शोक व्याप्त है।
हादसे के संबंध में परिजनों की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।




