राम बिहारी शाला में संत राम छबीले दास बाबा जी की समाधि स्थापित, हजारों श्रद्धालुओं ने दी अंतिम विदाई
अन्न ग्रहण नहीं करते थे बाबा ज़ी

हिन्द संवाद न्यूज़ : सच का संवाद
बसरेहर संवाददाता। बसरेहर कस्बा स्थित ऐतिहासिक राम बिहारी शाला मंदिर के मुख्य पुजारी राम छबीले दास बाबा जी के निधन के बाद सोमवार को उनके अंतिम संस्कार एवं समाधि स्थापना का कार्यक्रम धार्मिक एवं भावुक माहौल में संपन्न हुआ। बाबा जी की अंतिम विदाई में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु, संत समाज, भक्तगण, स्थानीय नागरिक तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।
बीमारी के चलते रविवार दोपहर सैफई अस्पताल में बाबा जी का निधन हो गया था। उनके निधन की खबर फैलते ही बसरेहर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। सोमवार को अंतिम दर्शन एवं शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने प्रिय संत को अंतिम विदाई दी।

राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
बाबा जी की शव यात्रा में पूर्व कैबिनेट मंत्री रामसेवक यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सर्वेश शाक्य तथा पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू, जो वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष ज्योति गुप्ता के पति हैं, समेत कई राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं। सभी ने बाबा जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
आश्रम परिसर में संत समाज ने स्थापित की समाधि
अंतिम संस्कार के बाद राम बिहारी शाला के आश्रम परिसर में ही संत समाज द्वारा बाबा जी की समाधि स्थापित की गई। समाधि स्थापना के दौरान संत समाज एवं श्रद्धालुओं की आंखें नम रहीं। वर्षों तक राम बिहारी शाला की सेवा में समर्पित रहे बाबा जी को उनके अनुयायियों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाधि स्थापना के दौरान धार्मिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच संत समाज ने बाबा जी को अंतिम विदाई दी। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और भावुक बना रहा।
हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब
बाबा जी के अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी, भक्त एवं संत समाज राम बिहारी शाला पहुंचे। बाबा जी से जुड़े श्रद्धालुओं का कहना था कि उन्होंने अपना जीवन मंदिर की सेवा और भक्तों के मार्गदर्शन में समर्पित किया। उनका निधन राम बिहारी शाला के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
बाबा जी के निधन से राम बिहारी शाला परिसर और आसपास का क्षेत्र शोक में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनकी स्मृतियों को नमन किया।p
संत समाज एवं क्षेत्रवासियों ने बाबा जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि राम छबीले दास बाबा जी की सेवा, सरलता और धार्मिक समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।




